लोग, ख्वाब जिनकी ज़िन्दगी है रात छोटी उनके लिए है
और जो ख्वाबों को हकीक़त की शक्ल देने में लगा हो ...दिन भी छोटे उनके लिए हैं
ख्वाब और हकीक़त के दर्मियाँ ,फासले में एक पूरी ज़िन्दगी है...
ख्वाब और हकीक़त के दर्मियाँ ,फासले में एक पूरी ज़िन्दगी है...
हम जो सपने बुनते हैं अपने ज़ेहन में शक्ल देने की कश-म-कश में मशगूल रहते हैं, ये ज़िन्दगी उसी के लिए है
दिन के सपने हम सभी देखते हैं पर वो जुनूनी जेहन की भूख के लिए है
सपनो की साजिश में फसे कई लोग हैं दुनिया में...बेफिक्री की ज़िन्दगी जीना ही बस उनके लिए है...
काटने हैं दिन जो अपनी जिंदगी के बेवजह, दिन भी लम्बे और सूने होते उनके लिए हैं...
जो शक्ल दे अपने जेहन के नक्श को अपने हौसले से, ये ज़िन्दगी की दौड़ उनके ही लिए है ...
